महाभारत 1.131.1
वैशंपायन उवाच · vaiśaṃpāyana uvāca
ततो दुर्योधनो राजा सर्वास्ताः प्रकृतीः शनैःअर्थमानप्रदानाभ्यां संजहार सहानुजः
tato duryodhano rājā sarvāstāḥ prakṛtīḥ śanaiḥarthamānapradānābhyāṃ saṃjahāra sahānujaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें