महाभारत 1.2.184
द्रौपदीवचनाद्यत्र भीमो भीमपराक्रमःअन्वधावत संक्रुद्धो भारद्वाजं गुरोः सुतम्
draupadīvacanādyatra bhīmo bhīmaparākramaḥanvadhāvata saṃkruddho bhāradvājaṃ guroḥ sutam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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