महाभारत 1.2.194
एतदेकादशं प्रोक्तं पर्वातिकरुणं महत्सप्तविंशतिरध्यायाः पर्वण्यस्मिन्नुदाहृताः
etadekādaśaṃ proktaṃ parvātikaruṇaṃ mahatsaptaviṃśatiradhyāyāḥ parvaṇyasminnudāhṛtāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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