महाभारत 1.2.226
स वृद्धबालमादाय द्वारवत्यास्ततो जनम्ददर्शापदि कष्टायां गाण्डीवस्य पराभवम्
sa vṛddhabālamādāya dvāravatyāstato janamdadarśāpadi kaṣṭāyāṃ gāṇḍīvasya parābhavam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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