महाभारत 1.2.22
पञ्चषष्टिसहस्राणि तथाश्वानां शतानि चदशोत्तराणि षट्प्राहुर्यथावदिह संख्यया
pañcaṣaṣṭisahasrāṇi tathāśvānāṃ śatāni cadaśottarāṇi ṣaṭprāhuryathāvadiha saṃkhyayā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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