महाभारत 1.2.35
ततः संभवपर्वोक्तमद्भुतं देवनिर्मितम्दाहो जतुगृहस्यात्र हैडिम्बं पर्व चोच्यते
tataḥ saṃbhavaparvoktamadbhutaṃ devanirmitamdāho jatugṛhasyātra haiḍimbaṃ parva cocyate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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