महाभारत 1.2.44जटासुरवधः पर्व यक्षयुद्धमतः परम्तथैवाजगरं पर्व विज्ञेयं तदनन्तरम्jaṭāsuravadhaḥ parva yakṣayuddhamataḥ paramtathaivājagaraṃ parva vijñeyaṃ tadanantaramइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें