महाभारत 1.2.7
तेषां समीपे यो देशो ह्रदानां रुधिराम्भसाम्समन्तपञ्चकमिति पुण्यं तत्परिकीर्तितम्
teṣāṃ samīpe yo deśo hradānāṃ rudhirāmbhasāmsamantapañcakamiti puṇyaṃ tatparikīrtitam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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