महाभारत 1.2.89
विदुरस्य च संप्राप्तिर्दर्शनं केशवस्य चखाण्डवप्रस्थवासश्च तथा राज्यार्धशासनम्
vidurasya ca saṃprāptirdarśanaṃ keśavasya cakhāṇḍavaprasthavāsaśca tathā rājyārdhaśāsanam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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