महाभारत 1.2.92
द्वारकायां सुभद्रा च कामयानेन कामिनीवासुदेवस्यानुमते प्राप्ता चैव किरीटिना
dvārakāyāṃ subhadrā ca kāmayānena kāminīvāsudevasyānumate prāptā caiva kirīṭinā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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