महाभारत 1.208.16
ततः पश्यामहे सर्वा ब्राह्मणं संशितव्रतम्रूपवन्तमधीयानमेकमेकान्तचारिणम्
tataḥ paśyāmahe sarvā brāhmaṇaṃ saṃśitavratamrūpavantamadhīyānamekamekāntacāriṇam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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