महाभारत 1.31.5शेषः प्रथमतो जातो वासुकिस्तदनन्तरम्ऐरावतस्तक्षकश्च कर्कोटकधनंजयौśeṣaḥ prathamato jāto vāsukistadanantaramairāvatastakṣakaśca karkoṭakadhanaṃjayauइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें