महाभारत 1.31.6कालियो मणिनागश्च नागश्चापूरणस्तथानागस्तथा पिञ्जरक एलापत्रोऽथ वामनःkāliyo maṇināgaśca nāgaścāpūraṇastathānāgastathā piñjaraka elāpatro'tha vāmanaḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें