महाभारत 1.4.4
योऽसौ दिव्याः कथा वेद देवतासुरसंकथाःमनुष्योरगगन्धर्वकथा वेद च सर्वशः
yo'sau divyāḥ kathā veda devatāsurasaṃkathāḥmanuṣyoragagandharvakathā veda ca sarvaśaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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