महाभारत 1.6.3
तं दृष्ट्वा मातुरुदराच्च्युतमादित्यवर्चसम्तद्रक्षो भस्मसाद्भूतं पपात परिमुच्य ताम्
taṃ dṛṣṭvā māturudarāccyutamādityavarcasamtadrakṣo bhasmasādbhūtaṃ papāta parimucya tām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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