महाभारत 1.60.24
अनिलस्य शिवा भार्या तस्याः पुत्रः पुरोजवःअविज्ञातगतिश्चैव द्वौ पुत्रावनिलस्य तु
anilasya śivā bhāryā tasyāḥ putraḥ purojavaḥavijñātagatiścaiva dvau putrāvanilasya tu
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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