महाभारत 1.78.15
तेऽदर्शयन्प्रदेशिन्या तमेव नृपसत्तमम्शर्मिष्ठां मातरं चैव तस्याचख्युश्च दारकाः
te'darśayanpradeśinyā tameva nṛpasattamamśarmiṣṭhāṃ mātaraṃ caiva tasyācakhyuśca dārakāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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