महाभारत 12.193.15अथ तौ सहितौ राजन्नन्योन्येन विधानतःविषयप्रतिसंहारमुभावेव प्रचक्रतुःatha tau sahitau rājannanyonyena vidhānataḥviṣayapratisaṃhāramubhāveva pracakratuḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें