महाभारत 12.227.2
वेदवादेषु कुशला ह्यध्यात्मकुशलाश्च येसत्त्ववन्तो महाभागाः पश्यन्ति प्रभवाप्ययौ
vedavādeṣu kuśalā hyadhyātmakuśalāśca yesattvavanto mahābhāgāḥ paśyanti prabhavāpyayau
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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