महाभारत 12.304.7
वेदेषु चाष्टगुणितं योगमाहुर्मनीषिणःसूक्ष्ममष्टगुणं प्राहुर्नेतरं नृपसत्तम
vedeṣu cāṣṭaguṇitaṃ yogamāhurmanīṣiṇaḥsūkṣmamaṣṭaguṇaṃ prāhurnetaraṃ nṛpasattama
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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