महाभारत 12.331.39
को हि नाम भवेत्तस्य तेजसा यशसा श्रियासदृशस्त्रिषु लोकेषु ऋते धर्मात्मजौ युवाम्
ko hi nāma bhavettasya tejasā yaśasā śriyāsadṛśastriṣu lokeṣu ṛte dharmātmajau yuvām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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