महाभारत 12.347.3
अपि त्वमसि कल्याणि देवतातिथिपूजनेपूर्वमुक्तेन विधिना युक्ता युक्तेन मत्समम्
api tvamasi kalyāṇi devatātithipūjanepūrvamuktena vidhinā yuktā yuktena matsamam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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