महाभारत 12.67.16
राजा चेन्न भवेल्लोके पृथिव्यां दण्डधारकःशूले मत्स्यानिवापक्ष्यन्दुर्बलान्बलवत्तराः
rājā cenna bhavelloke pṛthivyāṃ daṇḍadhārakaḥśūle matsyānivāpakṣyandurbalānbalavattarāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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