महाभारत 12.67.36
भोजनान्यथ पानानि राज्ञे दद्युर्गृहाणि चआसनानि च शय्याश्च सर्वोपकरणानि च
bhojanānyatha pānāni rājñe dadyurgṛhāṇi caāsanāni ca śayyāśca sarvopakaraṇāni ca
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें