महाभारत 12.78.13
न याचन्ते प्रयच्छन्ति सत्यधर्मविशारदाःनाध्यापयन्त्यधीयन्ते यजन्ते न च याजकाः
na yācante prayacchanti satyadharmaviśāradāḥnādhyāpayantyadhīyante yajante na ca yājakāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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