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महाभारत 12.78.31
येषां पुरोगमा विप्रा येषां ब्रह्मबलं बलम्प्रियातिथ्यास्तथा दारास्ते वै स्वर्गजितो नराः
yeṣāṃ purogamā viprā yeṣāṃ brahmabalaṃ balampriyātithyāstathā dārāste vai svargajito narāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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