महाभारत 12.82.8
अन्ये हि सुमहाभागा बलवन्तो दुरासदाःनित्योत्थानेन संपन्ना नारदान्धकवृष्णयः
anye hi sumahābhāgā balavanto durāsadāḥnityotthānena saṃpannā nāradāndhakavṛṣṇayaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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