महाभारत 13.13.6
तस्माद्वाक्कायमनसा नाचरेदशुभं नरःशुभाशुभान्याचरन्हि तस्य तस्याश्नुते फलम्
tasmādvākkāyamanasā nācaredaśubhaṃ naraḥśubhāśubhānyācaranhi tasya tasyāśnute phalam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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