महाभारत 13.29.5
तिर्यग्योनिगतः सर्वो मानुष्यं यदि गच्छतिस जायते पुल्कसो वा चण्डालो वा कदाचन
tiryagyonigataḥ sarvo mānuṣyaṃ yadi gacchatisa jāyate pulkaso vā caṇḍālo vā kadācana
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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