महाभारत 13.34.28
इत्येतद्वचनं श्रुत्वा मेदिन्या मधुसूदनःसाधु साध्वित्यथेत्युक्त्वा मेदिनीं प्रत्यपूजयत्
ityetadvacanaṃ śrutvā medinyā madhusūdanaḥsādhu sādhvityathetyuktvā medinīṃ pratyapūjayat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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