महाभारत 13.73.11
भीष्म उवाच · bhīṣma uvāca
एतत्पितामहेनोक्तमिन्द्राय भरतर्षभइन्द्रो दशरथायाह रामायाह पिता तथा
etatpitāmahenoktamindrāya bharatarṣabhaindro daśarathāyāha rāmāyāha pitā tathā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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