महाभारत 14.86.5
समानाय्य महातेजाः सर्वान्भ्रातॄन्महामनाःभीमं च नकुलं चैव सहदेवं च कौरवः
samānāyya mahātejāḥ sarvānbhrātṝnmahāmanāḥbhīmaṃ ca nakulaṃ caiva sahadevaṃ ca kauravaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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