महाभारत 16.1.11
मौसलं ते परिश्रुत्य दुःखशोकसमन्विताःविषण्णा हतसंकल्पाः पाण्डवाः समुपाविशन्
mausalaṃ te pariśrutya duḥkhaśokasamanvitāḥviṣaṇṇā hatasaṃkalpāḥ pāṇḍavāḥ samupāviśan
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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