महाभारत 2.18.25
ईशौ हि तौ महात्मानौ सर्वकार्यप्रवर्तनेधर्मार्थकामकार्याणां कार्याणामिव निग्रहे
īśau hi tau mahātmānau sarvakāryapravartanedharmārthakāmakāryāṇāṃ kāryāṇāmiva nigrahe
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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