महाभारत 2.23.20
ततः स दिवसानष्टौ योधयित्वा धनंजयम्प्रहसन्नब्रवीद्राजा संग्रामे विगतक्लमः
tataḥ sa divasānaṣṭau yodhayitvā dhanaṃjayamprahasannabravīdrājā saṃgrāme vigataklamaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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