महाभारत 2.30.39तत आज्ञापयामास स राजा राजसत्तमःसहदेवं तदा सद्यो मन्त्रिणं कुरुसत्तमःtata ājñāpayāmāsa sa rājā rājasattamaḥsahadevaṃ tadā sadyo mantriṇaṃ kurusattamaḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें