महाभारत 2.32.7
बाह्लिको धृतराष्ट्रश्च सोमदत्तो जयद्रथःनकुलेन समानीताः स्वामिवत्तत्र रेमिरे
bāhliko dhṛtarāṣṭraśca somadatto jayadrathaḥnakulena samānītāḥ svāmivattatra remire
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें