महाभारत 2.39.20
ततश्चेदिपतेर्वाक्यं तच्छ्रुत्वा कुरुसत्तमःभीमसेनमुवाचेदं भीष्मो मतिमतां वरः
tataścedipatervākyaṃ tacchrutvā kurusattamaḥbhīmasenamuvācedaṃ bhīṣmo matimatāṃ varaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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