महाभारत 2.40.2
तेनास्य मातापितरौ त्रेसतुस्तौ सबान्धवौवैकृतं तच्च तौ दृष्ट्वा त्यागाय कुरुतां मतिम्
tenāsya mātāpitarau tresatustau sabāndhavauvaikṛtaṃ tacca tau dṛṣṭvā tyāgāya kurutāṃ matim
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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