महाभारत 2.40.4
एष ते नृपते पुत्रः श्रीमाञ्जातो महाबलःतस्मादस्मान्न भेतव्यमव्यग्रः पाहि वै शिशुम्
eṣa te nṛpate putraḥ śrīmāñjāto mahābalaḥtasmādasmānna bhetavyamavyagraḥ pāhi vai śiśum
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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