महाभारत 2.47.3
ऐडांश्चैलान्वार्षदंशाञ्जातरूपपरिष्कृतान्प्रावाराजिनमुख्यांश्च काम्बोजः प्रददौ वसु
aiḍāṃścailānvārṣadaṃśāñjātarūpapariṣkṛtānprāvārājinamukhyāṃśca kāmbojaḥ pradadau vasu
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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