महाभारत 2.48.24कृती तु राजा कौरव्य शूकराणां विशां पतेअददद्गजरत्नानां शतानि सुबहून्यपिkṛtī tu rājā kauravya śūkarāṇāṃ viśāṃ pateadadadgajaratnānāṃ śatāni subahūnyapiइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें