महाभारत 2.48.2
मेरुमन्दरयोर्मध्ये शैलोदामभितो नदीम्ये ते कीचकवेणूनां छायां रम्यामुपासते
merumandarayormadhye śailodāmabhito nadīmye te kīcakaveṇūnāṃ chāyāṃ ramyāmupāsate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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