महाभारत 2.49.13
अधारयच्छत्रमस्य सात्यकिः सत्यविक्रमःधनंजयश्च व्यजने भीमसेनश्च पाण्डवः
adhārayacchatramasya sātyakiḥ satyavikramaḥdhanaṃjayaśca vyajane bhīmasenaśca pāṇḍavaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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