महाभारत 2.49.23
एतां दृष्ट्वा श्रियं पार्थे हरिश्चन्द्रे यथा विभोकथं नु जीवितं श्रेयो मम पश्यसि भारत
etāṃ dṛṣṭvā śriyaṃ pārthe hariścandre yathā vibhokathaṃ nu jīvitaṃ śreyo mama paśyasi bhārata
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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