महाभारत 2.5.16
कच्चिदात्मसमा बुद्ध्या शुचयो जीवितक्षमाःकुलीनाश्चानुरक्ताश्च कृतास्ते वीर मन्त्रिणः
kaccidātmasamā buddhyā śucayo jīvitakṣamāḥkulīnāścānuraktāśca kṛtāste vīra mantriṇaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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