महाभारत 2.5.41
कच्चिन्नैको बहूनर्थान्सर्वशः सांपरायिकान्अनुशास्सि यथाकामं कामात्मा शासनातिगः
kaccinnaiko bahūnarthānsarvaśaḥ sāṃparāyikānanuśāssi yathākāmaṃ kāmātmā śāsanātigaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें