महाभारत 2.5.72कच्चिद्बलेनानुगताः समानि विषमाणि चपुराणचौराः साध्यक्षाश्चरन्ति विषये तवkaccidbalenānugatāḥ samāni viṣamāṇi capurāṇacaurāḥ sādhyakṣāścaranti viṣaye tavaइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें