महाभारत 2.64.16
युधिष्ठिरस्तमावार्य बाहुना बाहुशालिनम्मैवमित्यब्रवीच्चैनं जोषमास्स्वेति भारत
yudhiṣṭhirastamāvārya bāhunā bāhuśālinammaivamityabravīccainaṃ joṣamāssveti bhārata
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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