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महाभारत 2.68.34
ये चान्ये प्रतियोत्स्यन्ति बुद्धिमोहेन मां नृपाःतांश्च सर्वाञ्शितैर्बाणैर्नेतास्मि यमसादनम्
ye cānye pratiyotsyanti buddhimohena māṃ nṛpāḥtāṃśca sarvāñśitairbāṇairnetāsmi yamasādanam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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